जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन तेज, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। ‘कॉन्करच जनता पार्टी (CJP)’ के नेतृत्व में चल रहे इस प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें हो चुकी हैं, जबकि गृह मंत्री अमित शाह और पीयूष गोयल के साथ भी वार्ता के प्रयास किए गए हैं। हालांकि, बैठक के स्थान को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी है।
सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि पेपर लीक विवाद से प्रभावित छात्रों के परिजनों को मुआवजे के मुद्दे पर सकारात्मक विचार किया जा सकता है। साथ ही आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की भी तैयारी जताई गई है।
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा।
- पेपर लीक से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
- आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं।
फिलहाल सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन प्रमुख मांगों पर सहमति बनने तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहने के संकेत हैं।



