उत्तराखंड में गर्मी का कहर: हीट वेव के चलते स्कूलों का समय बदला, बच्चों की सुरक्षा को प्रशासन अलर्ट मोड में



उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। प्रदेश के कई मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने लगा है। मौसम विभाग द्वारा लगातार हीट वेव की चेतावनी जारी किए जाने के बाद उधम सिंह नगर जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है।उधम सिंह नगर में एक सप्ताह तक सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक ही संचालित होंगे स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र, आदेशों की अवहेलना पर होगी कार्रवाई
उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जिले के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार 20 मई 2026 से अगले एक सप्ताह तक जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र, प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के सरकारी और निजी विद्यालय अब केवल सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इसके बाद विद्यालयों में अवकाश रहेगा।
जिला प्रशासन के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग और मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी और लू चलने की आशंका जताई गई है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण डिहाइड्रेशन सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, छात्र-छात्राओं, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं पर हीट वेव का अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना व्यक्त की गई है।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों के समय में बदलाव का निर्णय लिया गया है। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधन समितियों, स्कूल संचालकों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिक्षण संस्थान आदेशों की अवहेलना करता पाया गया तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को तेज धूप में बाहर जाने से बचाएं, उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं और गर्मी से बचाव के आवश्यक उपाय अपनाएं। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच प्रशासन का यह निर्णय अभिभावकों और छात्रों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।

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