कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज, दो दर्जन से ज्यादा मंत्रियों के विभाग बदलने की चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में इसी महीने बड़े कैबिनेट फेरबदल की अटकलों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दो दर्जन से अधिक मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सकता है। आगामी विधानसभा चुनावों, क्षेत्रीय संतुलन और संगठन-सरकार के बीच बेहतर तालमेल को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा किए जाने की चर्चा है।
पीयूष गोयल के विभाग में बदलाव की संभावना कम
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को हाल ही में भाजपा का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके बावजूद अमेरिका समेत अन्य देशों के साथ चल रही महत्वपूर्ण व्यापार वार्ताओं को देखते हुए उनके वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में बने रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्तर पर ही होगा।
हरदीप सिंह पुरी के भविष्य पर नजर
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त होना है। ऐसे में आगामी समय में उनकी मंत्रिमंडल में भूमिका को लेकर फैसला अहम माना जा रहा है। संभावित बदलाव में कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखे जाने की चर्चा है।
सहयोगी दलों की मांग बढ़ा सकती है हलचल
एनडीए के सहयोगी दल भी संभावित फेरबदल में अहम भूमिका निभा सकते हैं। लोजपा (रामविलास) की ओर से बड़े मंत्रालय की मांग और महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे गुट की अतिरिक्त कैबिनेट पद की अपेक्षा को लेकर चर्चाएं हैं। तमिलनाडु की डीएमके को केंद्र सरकार में शामिल किए जाने की संभावनाओं की भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा है, हालांकि इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
यूपी और हिमाचल के समीकरणों पर भी नजर
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य के राजनीतिक-सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए किसी बड़े चेहरे को केंद्र में जिम्मेदारी दिए जाने की अटकलें हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के नाम चर्चा में हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश से जेपी नड्डा और अनुराग ठाकुर को लेकर भी संभावित बदलावों पर नजर बनी हुई है।
फिलहाल कैबिनेट फेरबदल को लेकर सामने आ रही अधिकांश जानकारियां राजनीतिक सूत्रों और अटकलों पर आधारित हैं। सरकार की ओर से औपचारिक घोषणा के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।



