उत्तराखंड में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; बागेश्वर-अल्मोड़ा में स्कूल बंद

देहरादून, 1 जुलाई। उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटों से प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। खराब मौसम को देखते हुए बागेश्वर और अल्मोड़ा में बुधवार को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पिथौरागढ़, चंपावत, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, टिहरी और अल्मोड़ा जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले एक-दो दिनों में मानसून पूरे प्रदेश में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। वहीं 2 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। लगातार बारिश से अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।
मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के दौरान अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी के कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली चमकने की चेतावनी दी है। मसूरी, गंगोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ, हल्द्वानी, रामनगर, काशीपुर, रुद्रपुर और सितारगंज समेत आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम तेजी से बदल सकता है।
लगातार वर्षा के चलते संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कें बाधित होने तथा मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।



