उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में हरेला महोत्सव का भव्य समापन, पौधालय का लोकार्पण और ‘उड़ान’ पत्रिका का विमोचन


हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में 14 से 18 जुलाई तक आयोजित पांच दिवसीय हरेला महोत्सव का शनिवार को भव्य समापन वृहद वृक्षारोपण अभियान के साथ हुआ। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित पौधालय (नर्सरी) का लोकार्पण किया। साथ ही विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका ‘उड़ान’ के नवीन अंक का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने पौधालय का अवलोकन किया और विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। हरेला सप्ताह के तहत विश्वविद्यालय परिसर में फलदार, छायादार, औषधीय एवं स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह पौधालय भविष्य में पौध संरक्षण, हरित परिसर के विस्तार और विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
मुख्य अतिथि डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने सभी नागरिकों से हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सफल माना जाएगा जब पौधों का नियमित संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित पौधालय को पर्यावरण शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध कराने की सराहनीय पहल बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान और पौधालय की स्थापना विश्वविद्यालय परिसर को हरित एवं जैव-विविधता सम्पन्न बनाने की दिशा में दीर्घकालिक प्रयास हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका ‘उड़ान’ के नवीन अंक का विमोचन भी किया गया। पत्रिका में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं विस्तार गतिविधियों के साथ विभिन्न विभागों की उल्लेखनीय उपलब्धियों और रचनात्मक कार्यों को स्थान दिया गया है। अतिथियों ने इसे विश्वविद्यालय की गतिविधियों को समाज तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया।
समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण कर “एक पौधा–एक जिम्मेदारी” का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और प्रकृति संवर्धन के संदेश के साथ हुआ।

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