उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में 1 जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू, छात्रहित में कई नई सुविधाओं की घोषणा


हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) में जुलाई सत्र-2026 की प्रवेश प्रक्रिया 1 जुलाई से प्रारम्भ होगी। विश्वविद्यालय ने इस बार नए पाठ्यक्रमों के साथ-साथ विद्यार्थियों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाओं की भी घोषणा की है। प्रवेश की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
विश्वविद्यालय के अतिथि गृह सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने बताया कि इस सत्र में 15 स्नातक, 35 स्नातकोत्तर, 16 डिप्लोमा तथा 29 प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिए जाएंगे। इसके अलावा डिप्लोमा इन भगवद्गीता स्टडीज़ और मानवाधिकार प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम की शुरुआत भी की जा रही है। वहीं बीएलआईएस एवं बी.एड. (ओडीएल) में प्रवेश यूजीसी-डीईबी की स्वीकृति के बाद शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अब सेमेस्टर आधारित पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को सेमेस्टरवार शुल्क जमा करने की सुविधा मिलेगी, जिससे उन पर एकमुश्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। पाठ्यक्रम पूरा करने वाले सभी विद्यार्थी स्वतः विश्वविद्यालय के एलुमनाई बन जाएंगे तथा उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का मूल्यांकन ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के आधार पर किया जाएगा।
कुलपति ने बताया कि एमबीए, एमसीए, एमटीटीएम, बी.एड. स्पेशल एजुकेशन, एम.एड. स्पेशल एजुकेशन, बी.ए. योग (ऑनर्स) एवं एम.ए. योग कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भी 1 जुलाई से उपलब्ध होंगे। विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए DEB-ID और ABC-ID अनिवार्य किए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों को क्रेडिट मोबिलिटी, मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।
विश्वविद्यालय के 144 शिक्षार्थी सहायता केंद्र विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करेंगे। सैनिकों और जेल बंदियों के लिए भी विशेष सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। छात्रहित में थर्ड जेंडर के विद्यार्थियों के लिए पूर्ण शुल्क माफी, बीएससी और एमएससी के प्रायोगिक विषयों में कार्यशाला शुल्क पर 30 प्रतिशत की छूट तथा ई-एसएलएम चुनने वाले विद्यार्थियों को कार्यक्रम शुल्क में 15 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी।
कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने प्रदेश और देशभर के इच्छुक विद्यार्थियों से जुलाई सत्र-2026 में प्रवेश लेकर विश्वविद्यालय की आधुनिक एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा व्यवस्था का लाभ उठाने की अपील की।

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