सोने-चांदी में तेज गिरावट, मुनाफावसूली और बढ़ती बॉन्ड यील्ड का असर

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी के बाद बुधवार को दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 2 प्रतिशत तक फिसला, जबकि चांदी में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, मुनाफावसूली और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
मुनाफावसूली से टूटी तेजी
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक हाल की तेज बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की, जिससे सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ा। इससे पहले वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच दोनों कीमती धातुओं में जोरदार खरीदारी देखने को मिली थी। अब मुनाफावसूली बढ़ने से बाजार में बिकवाली हावी है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बनी बड़ी वजह
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने भी सोने को प्रभावित किया है। 30 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड करीब दो दशक के उच्च स्तर तक पहुंची है। आमतौर पर बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों के रूप में सोने की आकर्षकता कम होती है।
अब फेड के फैसले पर नजर
निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स पर है। बाजार यह संकेत तलाश रहा है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर फेड का रुख क्या रहेगा। ब्याज दरों में बदलाव और डॉलर की चाल का सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।
आगे भी जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने-चांदी के बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतें, फेड की मौद्रिक नीति और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को अचानक आई तेजी या गिरावट के बजाय बाजार के व्यापक रुझान पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।



