मानसून सत्र से पहले बदले सियासी समीकरण, संसद में हंगामे के आसार

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले देश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, बहुप्रतीक्षित परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के केंद्र सरकार का समर्थन करने की चर्चाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। यदि यह समीकरण साकार होता है, तो संविधान संशोधन जैसे मामलों में सरकार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत के बेहद करीब पहुंच सकती है।

बताया जा रहा है कि डीएमके ने समर्थन के बदले सभी राज्यों में अनुपातिक आधार पर लोकसभा सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि की मांग रखी है, ताकि दक्षिण भारतीय राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर परिसीमन का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इस मुद्दे पर पहले भी सकारात्मक संकेत मिल चुके हैं, हालांकि पार्टी ने अभी आधिकारिक रूप से अपना अंतिम रुख स्पष्ट नहीं किया है।

संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन सरकार पांच नए विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर कड़े प्रावधान, आयकर (संशोधन) विधेयक, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, एमएसएमई विकास संशोधन विधेयक तथा जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक प्रमुख हैं।

इन विधेयकों को लेकर विपक्ष के तीखे विरोध के संकेत मिल रहे हैं, जिससे संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामे की संभावना जताई जा रही है। सरकार ने सर्वदलीय बैठक में सहयोग की अपील की है, लेकिन नए विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों को देखते हुए सत्र के दौरान तीखी बहस और टकराव तय माना जा रहा है।

उधर, संसद सत्र के पहले दिन लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर भी राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र में धारा 163 लागू करते हुए जंतर-मंतर समेत कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

Related Articles