जस्पाल राणा का निधन,विश्व रिकॉर्ड से राजनीति तक के सफर को याद करेगा देश

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज और एशियाई खेलों के स्वर्णिम नायक जसपाल राणा बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। खेल के मैदान में अपनी सटीक निशानेबाजी से देश का नाम रोशन करने वाले जस्पाल राणा ने राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन की खबर से खेल जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।
महज 18 वर्ष की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाकर दुनिया को चौंकाने वाले जस्पाल राणा ने भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें देश के सबसे सफल निशानेबाजों की श्रेणी में ला खड़ा किया।
वर्ष 2006 में एशियन गेम्स में जीते गए उनके तीन स्वर्ण पदक भारतीय खेल इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिने जाते हैं। उनकी इस सफलता ने लाखों युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
खेल के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों के दौरान वे कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में भी नजर आए। जसपाल राणा का जीवन खेल, संघर्ष, उपलब्धि और जनसेवा का अद्भुत संगम था। विश्व रिकॉर्ड बनाने से लेकर चुनावी मैदान तक उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
“निशानेबाजी के इस सितारे ने खेल और समाज दोनों क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।”

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