हल्द्वानी: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से छोटे कारोबारियों की आजीविका पर संकट, वरिष्ठ कांग्रेसी ललित जोशी ने सरकार से की हस्तक्षेप की मांग

हल्द्वानी: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मेयर प्रत्याशी ललित जोशी ने रिहायशी क्षेत्रों में छोटी व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में इस तरह के निर्देशों का असर हजारों छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े परिवारों पर पड़ सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल पहल करने की मांग की।
ललित जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। यहां पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक गली-मोहल्लों में छोटी-छोटी दुकानें हैं, जहां से लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदते हैं। कई परिवार घरों से ही सिलाई-कढ़ाई, मोमबत्ती निर्माण, मसाला उद्योग और अन्य कुटीर उद्योगों के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। इसके अलावा, छोटे दुकानदार और सीमित पर्यटन से जुड़े व्यवसायी भी स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि रिहायशी क्षेत्रों में संचालित छोटी व्यावसायिक गतिविधियां बंद होती हैं, तो इसका सीधा असर स्थानीय रोजगार और आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ेगा। उनके अनुसार, छोटे दुकानदारों के सामने महंगी व्यावसायिक दुकानों का किराया देना बड़ी चुनौती है। ऐसे में स्थानीय दुकानों के बंद होने से ऑनलाइन बाजार को बढ़ावा मिल सकता है और छोटे कारोबारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण छोटी दुकानों और घरेलू व्यवसायों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण है। इन गतिविधियों पर प्रतिबंधात्मक प्रभाव पड़ने से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए आवश्यक कानूनी विकल्प तलाशे जाएं।
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए अध्यादेश लाने की संभावनाओं पर विचार करे और नियमानुसार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की संभावना भी तलाशे। साथ ही, उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए छोटे कारोबारियों और घरेलू उद्योगों से जुड़े लोगों की आजीविका सुरक्षित रखने के लिए उचित समाधान निकाला जाए।
ललित जोशी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य न्यायालय का विरोध करना नहीं, बल्कि संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से मेहनतकश लोगों की आजीविका और अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में शीघ्र सकारात्मक पहल करने की अपील की, ताकि छोटे दुकानदारों, कुटीर उद्योगों और स्वरोजगार से जुड़े परिवारों के रोजगार एवं भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके




