उत्तराखंड में बदली चुनावी तस्वीर: 13 लाख से अधिक मतदाता कम, 19 लाख रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा और निकाय चुनावों से पहले निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची ने प्रदेश की चुनावी तस्वीर बदल दी है। नई सूची में मतदाताओं की संख्या घटकर 71,33,785 रह गई है, जबकि वर्ष 2025 की अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या 84,29,459 थी। यानी करीब 13 लाख मतदाता कम दर्ज हुए हैं। साथ ही 8,26,977 नाम मतदाता सूची से हटाए गए और 19,04,380 मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं। �
Amar Ujala +1
इन जिलों में सबसे अधिक नाम हटे
देहरादून – 1,86,008
ऊधमसिंह नगर – 1,77,673
हरिद्वार – 1,30,203
नैनीताल – 71,810
अल्मोड़ा – 55,485
पौड़ी – 51,359
टिहरी – 43,625
पिथौरागढ़ – 27,436
चमोली – 23,436
उत्तरकाशी – 18,405
चंपावत – 17,718
बागेश्वर – 13,010
रुद्रप्रयाग – 10,809 �
Amar Ujala
19 लाख रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी निर्वाचन आयोग के अनुसार रिकॉर्ड में डुप्लीकेट प्रविष्टियां, एक व्यक्ति के कई रिकॉर्ड, आय संबंधी त्रुटियां, परिवार संबंधी गलत विवरण और अन्य तकनीकी विसंगतियां सामने आई हैं। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। �
पाञ्चजन्य +1
दावा-आपत्ति का मौका मतदाता 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी। �
Jagran +1
चुनावी असर पर नजर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिन जिलों में बड़ी संख्या में मतदाता कम हुए हैं, वहां चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि निर्वाचन विभाग का कहना है कि हटाए गए अधिकांश नाम मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट अथवा अपात्र मतदाताओं के हैं और पूरी प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की गई है।



