बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर उमड़ा जनसैलाब

पर्वतीय न्यूज लाइन
हजारों लोगों ने लालकुआं तहसील में दिया एकदिवसीय धरना, शासन पर टालमटोल का आरोप
बिंदुखत्ता (नैनीताल)। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग एक बार फिर ज़ोर पकड़ती नजर आई जब मंगलवार को बिंदुखत्ता क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग लालकुआं तहसील परिसर पहुंचे। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित हर वर्ग की भागीदारी ने इस आंदोलन को जनांदोलन का रूप दे दिया।
बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम संघर्ष समिति के बैनर तले एवं पूर्व सैनिक संगठन के सहयोग से आयोजित इस एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन में लोगों ने शासन की कथित उदासीनता के खिलाफ जोरदार नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजस्व ग्राम से संबंधित सभी प्रक्रियाएं और औपचारिकताएं वर्षों पूर्व पूरी की जा चुकी हैं, इसके बावजूद सरकार घोषणा करने से बचती आ रही है।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता का मुद्दा हर चुनाव में राजनीतिक दलों के लिए सिर्फ एक वादा बनकर रह जाता है। चुनावी मंचों से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद जनभावनाओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। वर्तमान विधायक मोहन सिंह बिष्ट तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी अपने घोषणा पत्रों में बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक अधिसूचना जारी न होना क्षेत्रवासियों के साथ अन्याय है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी ने कहा कि यदि शीघ्र ही बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति के पदाधिकारी सचिन भवन भट्ट, बलवंत सिंह बिष्ट, कविराज धामी, उमेश भट्ट, श्याम सिंह रावत सहित अन्य सदस्यों ने एक स्वर में सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
धरने में पूर्व सैनिक संगठन बिंदुखत्ता की मजबूत भागीदारी रही, जिन्होंने इस आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। साथ ही वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरेंद्र सिंह बोरा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डाला कोठी, पूर्व सैनिक कुंदन सिंह मेहता समेत कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने धरने को मजबूती प्रदान की।
अंत में संघर्ष समिति द्वारा तहसील लालकुआं के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर बिंदुखत्ता को शीघ्र राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग दोहराई गई। चेतावनी दी गई कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।




