जैनी के आरोपों के बाद हरक सिंह का पलटवार, बोले HC में करूंगा मानहानि का मुकदमा

23 साल पुराने जैनी प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। जैनी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाए जाने और दोबारा CBI जांच व DNA टेस्ट की मांग के बाद अब हरक सिंह रावत ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। नक्शेदेखें
जैनी के आरोपों के बाद हरक सिंह ने साधा सीएम धामी पर निशाना
कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने पूरे मामले को भाजपा का राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा कांग्रेस को घेरने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस समय विभिन्न अभियानों के माध्यम से जनता के बीच जा रही है और भाजपा कांग्रेस के इन अभियानों से भयभीत है। इसी वजह से उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
जैनी को योजनाबद्ध तरीके से बुलाया गया है देहरादून: हरक सिंह
हरक सिंह ने दावा किया कि जैनी को योजनाबद्ध तरीके से देहरादून बुलाकर उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। हरक ने कहा कि जिस समय यह प्रकरण सामने आया था, उस वक्त केंद्र में भाजपा की सरकार थी और मामले की जांच CBI ने की थी। नक्शेदेखें
हरक सिंह ने कहा कि जैनी प्रकरण में पहले ही CBI जांच और DNA टेस्ट हो चुका है। दोनों पक्षों की सहमति के बाद मामला खत्म हुआ था और न्यायालय ने भी जांच रिपोर्ट को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि 23 साल बाद न्यायालय के फैसले पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
पूर्व में मैंने खुद की थी CBI जांच और DNA टेस्ट की मांग: हरक
हरक सिंह रावत ने कहा कि इस मामले को दोबारा उठाना पूर्व पीएम स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई जांच पर भी सवाल खड़े करने जैसा है। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने खुद विधानसभा में इस्तीफा देकर CBI जांच और DNA टेस्ट की मांग की थी। उन्होंने जांच पूरी होने तक सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने का फैसला भी लिया था। हरक के अनुसार, बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने CBI जांच में क्लीन चिट मिलने पर उन्हें बधाई भी दी थी।
जैनी को लेकर लगाए गए आरोपों पर दी सफाई
प्रेस वार्ता में हरक सिंह ने उस समय के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग एक युवती को उनके यहां काम दिलाने के लिए लेकर आए थे। उन्होंने दावा किया कि युवती को मधुबन होटल में नौकरी दिलाने को लेकर भी बातचीत हुई थी। हरक ने जैनी की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उस समय भी इस मामले की जांच हुई थी और अब दोबारा इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जैनी को प्रलोभन देकर उनका नाम लिया गया था
BJP के इशारे पर किया जा रहा पूरा घटनाक्रम
हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण को दोबारा राजनीतिक रूप देने की शुरुआत मुख्यमंत्री ने की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को भी पता है कि CBI कोर्ट से उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है, इसके बावजूद पुराने मामले को फिर से उठाया जा रहा है। स्थानीयपरमिट लें
हरक ने कहा कि भाजपा सरकार के इशारे पर यह पूरा घटनाक्रम किया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि वह किसी तरह से घबराने वाले नहीं हैं और भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। हरक ने कहा, “सीएम धामी ने इस खेल की शुरुआत की है, इसका अंत हरक सिंह रावत करेगा।” स्थानीयपरमिट लें
हरक ने किया मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने का ऐलान
हरक सिंह रावत ने कहा कि इस प्रकरण को लेकर पहले भी कुछ लोगों के खिलाफ उन्होंने मानहानि का मुकदमा किया था। उन्होंने विजय बर्त्वाल और आशा नौटियाल के खिलाफ भी मानहानि की कानूनी कार्रवाई का जिक्र किया। अब जैनी प्रकरण को लेकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ वह हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने वकील के माध्यम से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जैनी और हरक की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद गरमाई सियासत
गौरतलब है कि शनिवार को जैनी ने देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरक सिंह रावत पर पुराने आरोप दोहराए थे। उन्होंने DGP को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की दोबारा CBI जांच और अपने बेटे का DNA टेस्ट कराने की मांग की थी। इसके बाद हरक सिंह रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर राजनीतिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया



