नम आंखों से दी गई शहीद आदर्श को अंतिम विदाई, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार


जम्मू-कश्मीर के कठुआ में भारतीय सेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए देवप्रयाग विधानसभा कीर्तिनगर थाती डागर गांव के राइफलमैन आदर्श नेगी का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए लोगो का हुजूम उमड़ पड़ा इस दौरान हर किसी की आंखे नम थी और इन्ही नम आंखों से हर किसी ने शहीद को अंतिम विदाई दी।

सैन्य सम्मान के साथ शहीद आदर्श को श्रद्धांजलि देकर गांव के पैतृक घाट मलेथा में अंतिम संस्कार किया गया। इस वक्त हर कोई नम आंखों से शहीद के अंतिम दर्शन कर रहा था। शहीद का परिवार एक और दुख के कारण फिर से बिलख पड़ा। इस दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा आदर्श तेरा नाम रहेगा और भारत माता की जय के नारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

सुध खो चुकी है शहीद की मां
आदर्श नेगी ने साल 2018 में गढ़वाल राइफल ज्वाइनिंग की। छह साल तक वौ देश की सुरक्षा करते रहे। आदर्श की शहादत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। शहीद की मां अपनी सुध खो चुकी है और पिता की आंखे अपने बेटे को खोने से नम हैं। शहीद राइफलमैन आदर्श नेगी अपने पीछे अपने पिता दलबीर सिंह नेगी माता सहित एक भाई और एक बड़ी बहन को देश सुरक्षा में अलविदा कह गए।

नेगी परिवार पर दो महीने में दो बार टूटा दुखों का पहाड़
दो माह पहले ही आदर्श के ताऊ का बेटा मेजर प्रणव नेगी भी सेना में शहीद हुआ था। परिवार के आंसू अभी थमे भी नहीं थे कि परिवार में एक और दुख का पहाड़ टूट पड़ा। इस बार शहीद आदर्श नेगी का पार्थिव शरीर भारतीय तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा। शहीद आदर्श के देश सुरक्षा में शहीद होने पर शहीद की के परिवार ने सरकार से मांग की है की आतंकवाद का जड़ से खात्मा किया जाए। इसके लिए एक और सर्जिकल स्ट्राइक सरकार को चलानी चाहिए

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