फर्जी टीसी से बनी आशा कार्यकर्ता, फिर जीता प्रधानी का चुनाव! कोर्ट के आदेश पर प्रधान-पति पर FIR

फर्जी टीसी से बनी आशा कार्यकर्ता, फिर जीता प्रधानी का चुनाव!
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के सुनहेटी आलापुर गांव की ग्राम प्रधान और उनके पति के खिलाफ फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) बनवाने और उसका इस्तेमाल कर पहले आशा कार्यकर्ता तथा बाद में प्रधानी का चुनाव जीतने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। नक्शेदेखें

ग्राम प्रधान हिमानी और पति पर धोखाधड़ी का मुकदमा
बता दें यह कानूनी कार्रवाई गांव के ही एक निवासी सतीश कुमार की शिकायत पर हुई है। सतीश ने इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने के लिए सूचना का अधिकार (RTI) के तहत दस्तावेजों की जानकारी जुटाई थी, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय में अर्जी दी थी।

8वीं की फर्जी टीसी से जीता चुनाव
शिकायत के अनुसार, ग्राम प्रधान हिमानी ने साल 2008 में कक्षा 8 पास करने का एक फर्जी टीसी प्रमाण पत्र तैयार करवाया था। इस जाली दस्तावेज का उपयोग उन्होंने सबसे पहले आशा कार्यकर्ता के पद पर नौकरी पाने और बाद में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने के लिए किया। वोटरगाइड देखें

सतीश कुमार ने बताया कि हिमानी ने बहादराबाद ब्लॉक के सोहलपुर गांव स्थित एक स्कूल की 2008 की 8वीं पास टीसी पहले आंगनबाड़ी/आशा कार्यकर्ता पद के लिए प्रस्तुत की थी और बाद में यही TC प्रधानी के चुनाव में भी लगाई गई। जब RTI के माध्यम से इस बारे में स्कूल से आधिकारिक जानकारी मांगी गई, तो स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि उनके संस्थान से ऐसी कोई टीसी कभी जारी ही नहीं की गई थी। वोटरगाइड देखें

मामले की जांच में जुटी पुलिस
प्राथमिक स्तर पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर शिकायतकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। झबरेड़ा थाने के प्रभारी नरेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि माननीय न्यायालय के आदेश पर आरोपी ग्राम प्रधान हिमानी और उनके पति पल्लू सिंह (निवासी सुनहेटी) के खिलाफ धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेराफेरी (कूटरचना) की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है

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