रामनगर में चप्पे-चप्पे पर पहरा, तीन कंपनी पीएसी समेत 525 पुलिसकर्मी तैनात… तीन किमी की परिधि में धारा 163 लागू

रामनगर के पुछड़ी में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

रामनगर के महाविद्यालय में पुछड़ी में अतिक्रमण तोड़ने के लिए बुलाई गई जेसीबी मशीन। जागरण
रामनगर के महाविद्यालय में पुछड़ी में अतिक्रमण तोड़ने के लिए बुलाई गई जेसीबी मशीन।

हल्द्वानी। रामनगर के पछड़ी में वन विभाग की आरक्षित वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

अभियान के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन कंपनी पीएसी समेत 525 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पूरे क्षेत्र को दो सुपर जोन, सात जोन और 14 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई है। छह स्थानों पर बैरियर लगाकर चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी।

शुक्रवार को एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी ने रामनगर में पुलिस बल की ब्रीफिंग कर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। एसपी नैनीताल डा. जगदीश चंद्र को अभियान का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा चार अपर पुलिस अधीक्षक और छह क्षेत्राधिकारी भी अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

यातायात व्यवस्था के लिए भी पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे। एसएसपी ने प्रभारी निरीक्षक रामनगर सुशील कुमार को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था में पांच अपर पुलिस अधीक्षक, छह सीओ, 25 निरीक्षक, 82 उपनिरीक्षक, 310 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल और 125 महिला हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल हैं। वन विभाग की ओर से दो डीएफओ, पांच एसडीओ, 14 रेंजर और 240 डिप्टी रेंजर व बीट अधिकारी भी तैनात किए गए हैं। प्रशासनिक मजिस्ट्रेट भी मौके पर रहेंगे।

ड्रोन से पूरे क्षेत्र पर पुलिस की नजर

किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन दल, बम निरोधक दस्ता, दंगा नियंत्रण टीम, आंसू गैस दस्ता, क्यूआरटी और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तैनात की गई हैं। पुलिस ने छह बैरियर और ड्रोन टीमों के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की व्यवस्था की है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भड़काऊ संदेश प्रसारित करने वालों पर भी कार्रवाई

अतिक्रमण स्थल के तीन किलोमीटर दायरे में धारा 163 बीएनएसएस लागू की गई है। पुलिस की इंटरनेट मीडिया पर भी पैनी नजर रहेगी। भड़काऊ संदेश प्रसारित करने, अनर्गल बयानबाजी करने या लोगों को मौके पर एकत्रित होने के लिए उकसाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके लिए ड्रोन टीमों को भी लगाया गया है।

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